पिथौरागढ़ जनपद मुख्यालय के चर्तुदिक् फैले ग्रामीण क्षेत्रों में तीन प्रसिद्ध मेलों का प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है। भाद्रपद की गणेश चतुर्थी को खान नामक पहाड़ की चोटी पर देवी मेला लगता है। इसके दूसरे दिन हरियाली तृतीया को किरात वेश में रहने वाले भूमि के स्वामी केदार नाम से पूजित शिव के मंदिर स्थल...
ऐतिहासिक धरोहरों की अनूठी और गौरवशाली परंपरा है— बिरखम
उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र में इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि रास्तों पर खड़े पत्थरों में भी जीवित है। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में से एक बेहद अनूठी और गौरवशाली परंपरा मिलती है—’वीर खंभ’ या बिरखम...






