उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र में इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि रास्तों पर खड़े पत्थरों में भी जीवित है। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में से एक बेहद अनूठी और गौरवशाली परंपरा मिलती है—’वीर खंभ’ या बिरखम की स्थापना। समूचे उत्तराखंड के इतिहास में वीर स्तम्भों के निर्माण की गाथायें...
कुमाऊँ में भी पल्लवित हुई थी ताम्र युगीन संस्कृति
हजारों वर्ष पूर्व कुमाऊँ मंडल में पल्लवित हुई ताम्र युगीन संस्कृति के अवशेष अल्मोड़ा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। इन अवशेषों के रूप में तांबे की बनी ऐसी मानवाकृतियां हैं जिन्हें अल्मोड़ा तथा पिथौरागढ़ जिलों से...






