पिथौरागढ़ जनपद मुख्यालय के चर्तुदिक् फैले ग्रामीण क्षेत्रों में तीन प्रसिद्ध मेलों का प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है। भाद्रपद की गणेश चतुर्थी को खान नामक पहाड़ की चोटी पर देवी मेला लगता है। इसके दूसरे दिन हरियाली तृतीया को किरात वेश में रहने वाले भूमि के स्वामी केदार नाम से पूजित शिव के मंदिर स्थल...
कुमाऊँ में भी पल्लवित हुई थी ताम्र युगीन संस्कृति
हजारों वर्ष पूर्व कुमाऊँ मंडल में पल्लवित हुई ताम्र युगीन संस्कृति के अवशेष अल्मोड़ा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। इन अवशेषों के रूप में तांबे की बनी ऐसी मानवाकृतियां हैं जिन्हें अल्मोड़ा तथा पिथौरागढ़ जिलों से...






