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बडेन मेमोरियल  मेथोडिस्ट चर्च अल्मोड़ा

बडेन मेमोरियल  मेथोडिस्ट चर्च अल्मोड़ा में स्थित एक ऐतिहासिक चर्च है। इसे जॉन हेनरी बुडेन की याद में बनाया गया था।  वह एक मेथोडिस्ट मिशनरी थे जिन्होंने कई वर्षों तक अल्मोड़ा में मिशनरी सेवा की थी। चर्च गोथिक वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण है और नगर का एक लोकप्रिय स्थल है।

हिमांशु साह

चर्च का निर्माण लंदन मिशनरी सोसाइटी  ने 1897 में किया था। लंदन मिशनरी सोसाइटी  की स्थापना 1795 में गैर पश्चिमी दुनिया में ईसाई धर्म का प्रसार करने के लिए की गई थी।

हेनरी बडेन 1887 में सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हुए और 18 मार्च 1890 को अल्मोड़ा में उनकी मृत्यु हो गई । लंदन मिशनरी सोसाइटी  ने उनकी याद में एक चर्च बनाने का फैसला किया। मिशनरी कार्यों के लिए उनकी वर्षों की सक्रिय सेवा की याद में अल्मोड़ा के चर्च का नाम बडेन मेमोरियल चर्च रखा गया। चर्च का डिजाइन रेवरेंड विलियम स्मिथ ने बनाया था, जो एक मिशनरी आर्किटेक्ट थे। इसकी आधारशिला 1891 में रखी गई थी और चर्च 1893 में बनकर तैयार हुआ था।

हिमांशु साह

चर्च अल्मोड़ा में लंदन मिशनरी सोसाइटी  के इतिहास को बताता है। नगर के एल आर साह रोड के मल्ला कसून में बडन मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च सन् 1897 में अस्तित्व में आया। इसके प्रार्थना सभा के विशाल कक्ष की काष्ठकला अत्यंत दर्शनीय व सुंदर है। भवन में एक विशाल घड़ी लगी है जो न केवल दूर से ही समय बताती है अपितु आज भी संचालित है।

हिमांशु साह

यह चर्च गॉथिक वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण है तथा स्थानीय पत्थरों से बना है। गोथिक भवन निर्माण की एक शैली है जो फ्रांस के गोथ जगह से शुरू हुई। इसलिए यह गोथिक शैली कहलाती है। गॉथिक कला मध्य युग के दौरान यूरोप में फली-फूली लगभग 12वीं से 16वीं शताब्दी तक। यह भवन शैली वास्तविक मेहराब पर आधारित होती है और भवन को ऊंचा बनाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। यह शैली मुख्य रूप से वास्तुकला चित्रकला और मूर्तिकला में प्रकट हुई।

चर्च का शिखर विशाल तथा ऊंचा है। आंतरिक भाग भी बहुत अलंकृत है जिसमें रंगीन कांच की खिड़कियाँ  तथा बैठने के लिये लकड़ी की बेंच हैं।

हिमांशु साह

इस गिरजाघर के विशाल कक्ष में करीब 300 लोग बैठ कर एक साथ प्रार्थना कर सकते हैं। यह परिसर अत्यंत सुन्दर स्थान पर बना है। यहां से नगर के चारों ओर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों का नयनाभिराम दृश्य दिखाई देता है।

बडेन मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च एक सुंदर और ऐतिहासिक चर्च है जो ना केवल धार्मिक स्थल है अपितु दर्शनीय भी है। यहां सर हेनरी रैमजे, हेनरी बडन ,मिस मैरी बडन, मिशनरी ई शरमन ओकले , उत्तम सिंह रावत आदि से सम्बन्धित कई सम्मान पटल भी प्रदर्शित हैं जो जॉन हेनरी बडेन और लंदन मिशनरी सोसाइटी के सेवा कार्यों की याद दिलाते हैं। चर्च में वह घंटे भी प्रदर्शित हैं जिनसे पूर्व में इनको बजाने की पुरानी प्रकिया का भी पता चलता है।

इस ऐतिहासिक चर्च के माध्यम से लंदन मिशनरी के इतिहास को भी समझा जा सकता है।

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